73rd NEC Meeting
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रायपुर 5 जून 2026/ ETrendingIndia / 73rd NEC Meeting Highlights Success of ‘Act East’, ‘Act First’ and ‘Act Fast’ Policies; Peace, Infrastructure and Connectivity Bridge Distances , NEC की 73वीं बैठक – केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने मेघालय की राजधानी शिलांग में उत्तरपूर्वी परिषद (NEC) की 73वीं पूर्ण बैठक की अध्यक्षता की।

इस अवसर पर केन्द्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, मेघालय के राज्यपाल श्री सी एच विजय शंकर, मुख्यमंत्री श्री कॉनराड संगमा, केन्द्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री श्री सुकांत मजुमदार, केन्द्रीय गृह सचिव श्री गोविंद मोन, पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के सचिव श्री संजय जाजू उपस्थित थे।

बैठक में अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, त्रिपुरा, मिज़ोरम, नागालैंड और सिक्किम के राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

श्री अमित शाह ने कहा कि विगत 12 साल में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नॉर्थईस्ट पर फोकस के साथ विकास किया गया है। इससे पूर्वोत्तर के सभी राज्यों में गुणात्मक परिवर्तन आया है।

10 हज़ार 800 युवा हथियार डालने के बाद मेनस्ट्रीम में आए

अच्छी कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द्र के आधार पर ही विकास की नींव रखी जा सकती है। पिछले 12 साल में 12 से अधिक शांति समझौते कर नॉर्थईस्ट में विवादों का समाधान किया गया और 10 हज़ार 800 से अधिक युवाओं को हथियार डालने के बाद मेनस्ट्रीम में लाया गया।

इन्सर्जेंसी से मुक्त

मोदी सरकार ने नॉर्थईस्ट को इन्सर्जेंसी से मुक्त करा दिया है। नॉर्थईस्ट में पिछले 12 साल में सुनियोजित रूप से इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास किया गया है और विकसित रेल, रोड़ और एयर कनेक्टिविटी से दिल्ली और नॉर्थईस्ट के बीच की दूरी कम हुई है।

नॉर्थईस्ट बना opportunity hotspot

उन्होंने कहा कि पिछले 12 साल में नॉर्थईस्ट की विविधता पूरे विश्व के सामने एक बड़ी ताकत बनकर उभरी है। आज पूरा विश्व हमारे नॉर्थईस्ट को opportunity hotspot के रूप में जानता है।

हम सबकी जिम्मेदारी है कि नॉर्थईस्ट के 200 से ज्यादा जनजातीय समूहों, 195 से ज्यादा बोलियों, अनेक संस्कृतियों, खानपान और वेशभूषा की विविधता को संजो कर रखें और इसे और ताकत दें।

अष्टलक्ष्मी की कल्पना को जमीन पर उतारें

हम अपनी इस साझा संस्कृति का पुनर्निर्माण कर प्रधानमंत्री मोदी की अष्टलक्ष्मी की कल्पना को जमीन पर उतारें।

हम Act East, Act Fast और Act First को ज़मीन पर उतारने में सफल हुए हैं।

हम नॉर्थईस्ट के आठों राज्यों के राइजिंग नॉर्थईस्ट इन्वेस्टमेंट समिट के दौरान बड़ी इंडस्ट्री के साथ आने वाली ancillary को छोटे राज्यों में लगाकर आगे बढ़ाने का काम कर सकते हैं। लगभग 4.25 लाख करोड़ रूपए का निवेश असम की इन्वेस्टमेंट समिट के अतिरिक्त आया है।

असम में 27 हज़ार करोड़ रूपए के निवेश के साथ सेमीकंडक्टर का प्लांट, नॉर्थईस्ट और पूर्व के कई देशों के लिए हेल्थ का हब बनाना, नामरूप में अमोनिया यूरिया कॉम्प्लेक्स से लॉजिस्टिक कॉस्ट कम करना, जैसे, प्रोजेक्ट्स के कारण नॉर्थईस्ट के कई राज्यों में विकास को गति मिली है।

सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिर्फ कागज पर न रह जाए बल्कि इसके लिए हर राज्य के मुख्यमंत्री और राज्यपाल को इसकी मासिक समीक्षा करनी चाहिए।

गुवाहाटी, इंफाल और अगरतला को मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब के रूप में आगे बढ़ाने का काम सतत मॉनिटरिंग के साथ समयसीमा के अंदर पूरा करना चाहिए।

नॉर्थईस्ट के सभी राज्यों को मछली, अंडा और दूध के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होना चाहिए और सरप्लस को देश के बाकी हिस्सों में भेजना चाहिए।

नॉर्थईस्ट में अच्छी कोऑपरेटिव व्यवस्था बनाएंगे

श्री शाह ने कहा कि हमने लक्ष्य रखा है कि अगले वित्तीय वर्ष से हर साल दूध देने वाले 50,000 से ज्यादा पशु एनडीडीबी के माध्यम से नॉर्थईस्ट के सभी राज्यों में भेजेंगे और इनके मिल्क कलेक्शन के लिए एक अच्छी कोऑपरेटिव व्यवस्था बनाएंगे।

किसी भी प्रकार के विकास में पानी और कुदरती संपदा की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होती है जो हमारे पूर्वोत्तर के राज्यों में उपलब्ध है।

सबरूम लैंड पोर्ट से खुलेगा पूर्व के व्यापार का दरवाजा

उन्होंने कहा कि हमने सबरूम लैंड पोर्ट के माध्यम से पूरे पूर्व के व्यापार का दरवाजा खोलने का काम किया है। पूर्वोत्तर अब दक्षिण पूर्व एशिया और इंडो पैसिफिक देशों के साथ व्यापार करने के लिए तैयार है।

GI Tag के लिए हमारी लगभग 215 फसल स्पर्धा में हैं। हर राज्य में एक टास्क फोर्स होनी चाहिए जो GI Tag को प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया को लगातार मॉनिटर करे।

Healing India मिशन का आदर्श गंतव्य नॉर्थईस्ट

Healing India मिशन का आदर्श गंतव्य हमारा नॉर्थईस्ट ही है और हर राज्य को वेलनेस इंफ्रास्ट्रक्चर तथा हेल्थ टूरिज्म की नीति बनानी चाहिए।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार के पिछले 12 साल में नॉर्थईस्ट में हताहत नागरिकों की संख्या में 86% कमी आई है, जो एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।

श्री शाह ने कहा कि नार्थ-ईस्ट में नारकोटिक्स के ट्रांसपोर्टेशन और कंजप्शन को जड़ से समाप्त करने के लिए रुथलेस एप्रोच के साथ भारत सरकार ने एक विशेष कार्ययोजना बनाई है।

नार्थ-ईस्ट में उग्रवाद लगभग खत्म हो चुका है। रूटीन पुलिसिंग के लिए नॉर्थईस्ट को नए सिरे से शुरुआत करनी चाहिए।

हमें पूरे नॉर्थईस्ट को आईटी इंडस्ट्री का हब बनाने की दिशा में काम करना चाहिए। नॉर्थईस्ट में जल विद्युत और सौर ऊर्जा का बहुत पोटेंशियल है। हमें डेटा सेंटर्स को नॉर्थईस्ट की ओर आकर्षित करने की दिशा में भी काम करना चाहिए।