रायपुर, 10 जुलाई 2026/ Ambedkar Hospital: A medical miracle at Mekahara, Raipur! Successful surgery on a patient injured by an arrow… doctors saved his life.
Ambedkar Hospital : छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय (मेकाहारा), रायपुर के जनरल सर्जरी विभाग ने एक बेहद जटिल ट्रॉमा केस में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। तीर से गंभीर रूप से घायल मरीज का समय रहते सफल ऑपरेशन कर डॉक्टरों की टीम ने उसकी जान बचा ली।
गरियाबंद जिले के निवासी मरीज को पीठ के रास्ते पेट में तीर लगने के बाद गंभीर हालत में उच्च स्तरीय उपचार के लिए मेकाहारा रेफर किया गया था। जांच में पता चला कि तीर पेट के भीतर गहराई तक धंस चुका था, जिससे महत्वपूर्ण आंतरिक अंग प्रभावित हो गए थे। मरीज को आंतरिक रक्तस्राव, पेट में छेद (परफोरेशन) और संक्रमण का गंभीर खतरा था। चिकित्सकों के अनुसार, थोड़ी सी भी देरी जानलेवा साबित हो सकती थी।

आपातकालीन ऑपरेशन से बची जान
मरीज के अस्पताल पहुंचते ही जनरल सर्जरी विभाग की टीम ने तत्काल स्थिति का आकलन कर 2 जुलाई 2026 को आपातकालीन सर्जरी करने का फैसला लिया। ऑपरेशन के दौरान अत्यंत सावधानी से तीर को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद क्षतिग्रस्त अंगों और ऊतकों की मरम्मत की गई, रक्तस्राव रोका गया तथा पेट के भीतर जमा रक्त और संक्रमित द्रव को साफ कर आवश्यक जीवनरक्षक प्रक्रियाएं पूरी की गईं।
आईसीयू में निगरानी, हालत में लगातार सुधार
सर्जरी के बाद मरीज को पोस्ट-ऑपरेटिव आईसीयू में भर्ती किया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों और प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की निगरानी में उपचार जारी है। अस्पताल के अनुसार मरीज की हालत अब स्थिर है और उसमें लगातार सुधार हो रहा है। यदि यही स्थिति बनी रही तो जल्द ही उसे अस्पताल से छुट्टी दी जा सकती है।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने निभाई अहम भूमिका
इस जटिल ऑपरेशन का नेतृत्व जनरल सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. मंजू सिंह ने किया। टीम में डॉ. सुखलाल निराला, डॉ. मनीष साहू, डॉ. रोशन रत्नाकर तथा एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. प्रतिभा जैन साह, डॉ. जया लालवानी और उनकी टीम शामिल रही।
अस्पताल अधीक्षक ने क्या कहा?
अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने कहा कि मरीज अत्यंत गंभीर स्थिति में अस्पताल पहुंचा था, लेकिन सर्जरी विभाग की त्वरित कार्रवाई और विशेषज्ञ टीम के समन्वित प्रयासों से उसकी जान बचाई जा सकी। उन्होंने कहा कि मेकाहारा में गंभीर ट्रॉमा और आपातकालीन मामलों के इलाज के लिए अनुभवी विशेषज्ञों की टीम और आधुनिक सुविधाएं 24 घंटे उपलब्ध हैं।
यह सफलता एक बार फिर साबित करती है कि समय पर निर्णय, विशेषज्ञता और टीमवर्क के दम पर अत्यंत जटिल ट्रॉमा मामलों में भी मरीजों को नया जीवन दिया जा सकता है।
