रायपुर, 12 जून 2026/ Restrictions on MLAs: Major decision by the Sai government… curtailing MLAs’ powers! They can no longer get government officials of their choice attached to their offices… Major order issued by the GAD.
Restrictions on MLA : छत्तीसगढ़ में अब विधायक अपनी पसंद का सरकारी कर्मचारी अपने कार्यालय में नहीं बुला सकेंगे। सामान्य प्रशासन विभाग ने नियमों में संशोधन करते हुए राज्य स्तरीय कार्यालयों में पदस्थ कर्मचारियों की अटैचमेंट पर रोक लगा दी है। सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
अब नहीं चलेगी ‘पसंदीदा बाबू’ वाली व्यवस्था
छत्तीसगढ़ सरकार ने विधायकों को मिलने वाली लिपिकीय सहायता व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए नई बंदिशें लागू कर दी हैं। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने स्पष्ट किया है कि अब विधायक अपनी पसंद के राज्य स्तरीय कार्यालयों में पदस्थ कर्मचारियों को अपने साथ अटैच नहीं करा सकेंगे। इस संबंध में विभाग ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों को संशोधित निर्देश जारी कर नए नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
जीएडी द्वारा जारी आदेश के अनुसार वर्ष 2019 में सचिवालयीन सहायता के लिए जारी समेकित निर्देशों के बिंदु क्रमांक-7 में संशोधन किया गया है। नए प्रावधान के तहत विधायक राज्य के किसी भी जिले में पदस्थ कर्मचारियों की सेवाएं लिपिकीय सहायता के लिए ले सकेंगे, लेकिन मंत्रालय, विभागाध्यक्ष कार्यालयों और अन्य राज्य स्तरीय संस्थानों में पदस्थ कर्मचारियों को उनके साथ अटैच नहीं किया जा सकेगा।
सांसदों को मिली छूट
हालांकि सांसदों के मामले में पहले की व्यवस्था यथावत रहेगी। सांसद आवश्यकता पड़ने पर राज्य स्तरीय कार्यालयों में पदस्थ कर्मचारियों की सेवाएं सचिवालयीन सहायता के लिए प्राप्त कर सकेंगे।
सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक व्यवस्था में संतुलन बनाए रखने और मंत्रालय व राज्य स्तरीय कार्यालयों में कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे राज्य स्तरीय कार्यालयों में कर्मचारियों की कमी और कार्य प्रभावित होने जैसी समस्याओं पर भी रोक लगने की उम्मीद जताई जा रही है।

