रायपुर, 31 मई 2026/ ETrendingIndia / फुटबॉल सुपरस्टार Lionel Messi के कोलकाता दौरे को लेकर पिछले वर्ष हुए विवाद ने एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। Messi Kolkata Tour Controversy मामले में पूर्व पश्चिम बंगाल खेल मंत्री Aroop Biswas समेत चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है।
यह FIR कार्यक्रम आयोजक सताद्रु दत्ता की शिकायत के आधार पर बिधाननगर पुलिस द्वारा दर्ज की गई है। शिकायत में कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में कथित चूक, वीआईपी हस्तक्षेप और आयोजन में हुई अव्यवस्था के लिए कई लोगों को जिम्मेदार ठहराया गया है।
FIR में किन लोगों के नाम शामिल?
FIR में पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास के अलावा Rajeev Kumar, कोलकाता नगर निगम की पार्षद Juin Biswas और सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग के सचिव शंतनु बसु के नाम भी शामिल किए गए हैं।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान प्रतिबंधित सुरक्षा क्षेत्रों में अनधिकृत प्रवेश, भीड़ नियंत्रण व्यवस्था की विफलता और आयोजन में हस्तक्षेप के कारण हालात बिगड़ गए थे।
आयोजक ने खुद को बताया ‘बलि का बकरा’
कार्यक्रम आयोजक सताद्रु दत्ता ने आरोप लगाया कि पूरे मामले में उन्हें ‘बलि का बकरा’ बनाया गया। उनका कहना है कि घटना के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया और 38 दिन जेल में बिताने पड़े।
उन्होंने दावा किया कि घटना के संबंध में बोलने पर उन्हें और उनके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां भी दी गई थीं।
खेल मंत्री ने दिए नए सिरे से जांच के आदेश
यह शिकायत उस समय सामने आई जब पश्चिम बंगाल के खेल मंत्री Nisith Pramanik ने मेस्सी दौरे से जुड़े विवाद की फाइल दोबारा खोलने और नए सिरे से जांच कराने की घोषणा की।
मंत्री ने कहा कि इस पूरे प्रकरण में जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। उनका उद्देश्य उन लोगों को न्याय दिलाना है जो आयोजन के दौरान कथित रूप से परेशान हुए थे।
क्या हुआ था कोलकाता कार्यक्रम में?
दिसंबर 2025 में आयोजित ‘GOAT India Tour – Kolkata Edition’ कार्यक्रम में अर्जेंटीना के विश्व कप विजेता कप्तान लियोनेल मेस्सी ने भाग लिया था। हालांकि कार्यक्रम के दौरान भारी भीड़, सुरक्षा चिंताओं और अव्यवस्था के कारण मेस्सी मैदान पर केवल लगभग 20 मिनट ही रह सके।
बताया गया कि कुछ वीआईपी व्यक्तियों की मौजूदगी और मैदान के पास भीड़ के कारण दर्शकों का दृश्य अवरुद्ध हो गया था। इससे नाराज प्रशंसकों ने स्टेडियम की कुर्सियों को नुकसान पहुंचाया और कुछ लोग मैदान में भी उतर गए।
राजनीतिक विवाद भी हुआ तेज
Messi Kolkata Tour Controversy को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्ष इस मामले को प्रशासनिक विफलता और सत्ता के दुरुपयोग से जोड़ रहा है, जबकि संबंधित पक्षों की ओर से अभी तक आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
मामले की पुनः जांच शुरू होने के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच एजेंसियां किन निष्कर्षों पर पहुंचती हैं और इस बहुचर्चित आयोजन में हुई अव्यवस्था के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया जाता है।
