NIT Raipur: A new era of mineral research to begin from Chhattisgarh...! 5-year agreement signed between NIT Raipur and GMDC.
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रायपुर, 10 जून 2026/ NIT Raipur: A new era of mineral research to begin from Chhattisgarh…! 5-year agreement signed between NIT Raipur and GMDC.

NIT Raipur : देश में क्रिटिकल मिनरल्स और खनन अनुसंधान को नई दिशा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) रायपुर और गुजरात मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (GMDC) के अंतर्गत कार्यरत गुजरात मिनरल रिसर्च एंड इंडस्ट्रियल कंसल्टेंसी सोसायटी (GMRICS) के बीच बुधवार को महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।

यह साझेदारी भूविज्ञान, खनिज अन्वेषण, खनन अभियांत्रिकी और क्रिटिकल मिनरल्स रिसर्च को बढ़ावा देने के साथ-साथ छात्रों को इंडस्ट्री आधारित प्रशिक्षण और रिसर्च अवसर उपलब्ध कराएगी।

समझौते पर NIT रायपुर के निदेशक प्रो. एन. वी. रमना राव और GMRICS/GMDC अहमदाबाद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. डी. के. सिन्हा ने हस्ताक्षर किए। यह MoU प्रारंभिक रूप से पांच वर्षों तक प्रभावी रहेगा।

छात्रों को मिलेगा इंडस्ट्री एक्सपोजर

समझौते के तहत NIT रायपुर के विद्यार्थियों और शोधार्थियों को फील्ड रिसर्च, इंटर्नशिप, प्रोजेक्ट वर्क और इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग का अवसर मिलेगा। वहीं GMDC और GMRICS के वैज्ञानिक NIT रायपुर की आधुनिक प्रयोगशालाओं और रिसर्च सुविधाओं का उपयोग कर सकेंगे।

इन क्षेत्रों में होगा संयुक्त रिसर्च

दोनों संस्थान मिलकर भूविज्ञान, खनिज अन्वेषण, भूभौतिकीय सर्वेक्षण, खनिज परिशोधन, विश्लेषणात्मक रसायन विज्ञान और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान और प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करेंगे। इसके अलावा विशेषज्ञ व्याख्यान, कार्यशालाएं, संगोष्ठियां और तकनीकी कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

क्रिटिकल मिनरल्स पर रहेगा खास फोकस

इस साझेदारी का सबसे अहम हिस्सा क्रिटिकल मिनरल्स रिसर्च होगा। भारत सरकार ने क्रिटिकल मिनरल्स को राष्ट्रीय खनिज रणनीति में प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में शामिल किया है।

इसके तहत गुजरात के अंबाजी क्षेत्र स्थित तांबा-सीसा-जस्ता निक्षेपों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ और देश के अन्य हिस्सों में मौजूद महत्त्वपूर्ण खनिज क्षेत्रों पर अध्ययन और अनुसंधान किया जाएगा।

NEP-2020 के विजन को मिलेगा बल

यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों के अनुरूप उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत करेगी। NIT रायपुर के निदेशक प्रो. एन. वी. रमना राव ने कहा कि यह समझौता छात्रों, शोधार्थियों और संकाय सदस्यों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा। वहीं GMRICS/GMDC के CEO डॉ. डी. के. सिन्हा ने कहा कि यह साझेदारी रिसर्च, नवाचार और कौशल विकास को नई गति देगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह रणनीतिक साझेदारी भारत में सतत और उत्तरदायी खनिज संसाधन विकास के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगी।