Bastar Development Plan: Bastar's fortunes set to change! A major plan to raise every family's income to ₹30,000 per month... CM Sai outlines the roadmap.
Bastar Development Plan
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नई दिल्ली, 11 जून 2026/ Bastar Development Plan: Bastar’s fortunes set to change! A major plan to raise every family’s income to ₹30,000 per month… CM Sai outlines the roadmap.

Bastar Development Plan : कभी नक्सलवाद की पहचान रहा बस्तर अब विकास, रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए मॉडल के रूप में उभरने की तैयारी में है। नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर के लिए ऐसा रोडमैप पेश किया, जिसमें डेयरी क्रांति, 2000 करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजनाएं, डिजिटल हेल्थ, पर्यटन विस्तार और युवाओं के लिए बड़े रोजगार अवसर शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अगले तीन वर्षों में बस्तर के हर परिवार की औसत मासिक आय 30 हजार रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में क्षेत्र के लगभग 85 प्रतिशत परिवारों की आय 15 हजार रुपये प्रतिमाह से कम है।

नीति आयोग में गूंजा ‘नया बस्तर मॉडल’

सरकार बस्तर में डेयरी मॉडल लागू कर आदिवासी परिवारों को दुधारू पशु उपलब्ध कराएगी, जिससे गांवों में स्थायी आय के स्रोत विकसित होंगे। इसके साथ ही 2000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से शुरू होने वाली दो बड़ी सिंचाई परियोजनाओं से 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर के करीब 36 लाख लोगों की डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार की जा रही है। वहीं सुरक्षा शिविरों को ‘सेवा डेरा’ में बदलकर 371 सरकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा रहा है।

पर्यटन क्षेत्र को रोजगार का बड़ा इंजन बताते हुए मुख्यमंत्री ने चित्रकोट, सिरपुर और बस्तर के प्राकृतिक स्थलों को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की बात कही। वॉटर स्पोर्ट्स, जंगल सफारी और एडवेंचर टूरिज्म के विस्तार से हजारों युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, बायो-एथेनॉल और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ रहा है। एआई मिशन, स्टार्टअप मिशन और पर्यटन मिशन के जरिए राज्य को विकसित भारत-2047 के लक्ष्य के अनुरूप आगे बढ़ाया जा रहा है।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा को मजबूत करने के लिए अबूझमाड़ और जगरगुंडा में 100 करोड़ रुपये की लागत से एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है। साथ ही हजारों स्मार्ट क्लासरूम और स्थानीय भाषाओं में शिक्षा सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर अब संघर्ष नहीं, बल्कि विकास, रोजगार, निवेश और आत्मनिर्भरता की नई पहचान बनने जा रहा है।