रायपुर, 18 जुलाई 2026/ Eco-tourism: Rajmergarh to become Chhattisgarh’s new tourism attraction.
Eco Tourism : गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले को छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने ठोस पहल तेज कर दी है।
कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. स्वयं मैदान में उतरकर जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों का लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने राजमेरगढ़ का विस्तृत भ्रमण कर निर्माणाधीन बैगा कुटीर सहित विभिन्न पर्यटन स्थलों का निरीक्षण किया तथा पर्यटन अधोसंरचना को अधिक आकर्षक, सुविधायुक्त और स्थानीय संस्कृति के अनुरूप विकसित करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
कलेक्टर ने राजमेरगढ़ पहाड़ की चोटी पर निर्माणाधीन बैगा कुटीर का अवलोकन करते हुए कहा कि इसका निर्माण प्राकृतिक परिवेश के अनुरूप आकर्षक, पारंपरिक और हवादार स्वरूप में किया जाए, ताकि यह बैगा जनजातीय संस्कृति और स्थानीय पहचान का सशक्त प्रतीक बन सके।
उन्होंने कहा कि यहां आने वाले पर्यटकों को बैगा समाज की समृद्ध परंपराओं, संस्कृति और जीवन शैली से परिचित कराने का यह महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।
आगामी सावन माह में ज्वालेश्वर धाम में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संभावित बढ़ती संख्या को देखते हुए उन्होंने निर्माण एजेंसी को गुणवत्ता के साथ कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने ज्वालेश्वर धाम, माई का मड़वा, दुर्गाधारा तथा ठाड़ पथरा जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों का भी अवलोकन किया।
सभी पर्यटन स्थलों पर स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने के निर्देश
उन्होंने कहा कि जिले के सभी पर्यटन स्थलों पर स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिससे अधिक से अधिक पर्यटक यहां आएं और जिले की पर्यटन पहचान सशक्त हो।
कलेक्टर ने पर्यटन प्रबंधन समितियों के सदस्यों से संवाद कर उनकी आय-व्यय व्यवस्था, पर्यटन गतिविधियों तथा स्थानीय रोजगार और आजीविका से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी ली।
उन्होंने स्थानीय हस्तशिल्प, वनोपज, पारंपरिक खाद्य उत्पादों और जनजातीय संस्कृति को पर्यटन से जोड़ते हुए पर्यटकों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार मिलेगा, ग्रामीणों की आय में वृद्धि होगी तथा क्षेत्र के समग्र आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
उन्होंने सभी पर्यटन स्थलों पर स्वच्छता, पेयजल, सुरक्षा, संकेतक, विश्राम और अन्य आवश्यक सुविधाओं का विस्तार
करने के निर्देश दिए।
राजमेरगढ़ सहित जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों का यह निरीक्षण केवल अधोसंरचना विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय संस्कृति, प्राकृतिक धरोहर और ग्रामीण आजीविका को पर्यटन से जोड़ने की व्यापक सोच का हिस्सा है।
जिला प्रशासन की यह पहल जनसहभागिता आधारित पर्यटन मॉडल को मजबूत करते हुए छत्तीसगढ़ के उभरते हुए प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।
