ISRO Scientists' Resignation: A major setback amidst India's space missions...! Scientists are leaving ISRO; the government has tightened resignation rules.
SRO Scientists Resignation
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रायपुर, 18 जुलाई 2026/ ISRO Scientists’ Resignation: A major setback amidst India’s space missions…! Scientists are leaving ISRO; the government has tightened resignation rules.

SRO Scientists Resignation : भारत का स्पेस प्रोग्राम लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है, लेकिन इसी बीच भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के सामने अनुभवी वैज्ञानिकों को बनाए रखने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों में 100 से अधिक वैज्ञानिकों ने इस्तीफा दिया है या स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ली है।

इसी को देखते हुए डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस (DoS) ने गगनयान और अन्य महत्वपूर्ण मिशनों से जुड़े वैज्ञानिकों के इस्तीफे और VRS को लेकर नए और सख्त नियम लागू किए हैं। अब ऐसे मामलों में सामान्य प्रक्रिया के बजाय विभागीय स्तर पर विशेष मंजूरी आवश्यक होगी।

निजी स्पेस कंपनियां बनीं बड़ा आकर्षण

विशेषज्ञों के अनुसार, 2020 में स्पेस सेक्टर के निजीकरण के बाद Skyroot Aerospace, Agnikul Cosmos, Pixxel, Bellatrix Aerospace, Dhruva Space और Digantara जैसी कंपनियों ने तेजी से विस्तार किया है। बेहतर वेतन, स्टॉक ऑप्शन, तेज़ प्रमोशन और अधिक लचीले कार्य वातावरण के कारण कई अनुभवी वैज्ञानिक निजी कंपनियों का रुख कर रहे हैं।

मिशनों में देरी भी बनी वजह

रिपोर्टों के अनुसार, गगनयान, SSLV, GSLV और PSLV जैसे कई अहम मिशनों में देरी तथा निर्णय प्रक्रिया के केंद्रीकरण जैसी प्रशासनिक चुनौतियों ने भी वैज्ञानिकों के असंतोष को बढ़ाया है।

विशेषज्ञों की सलाह

स्पेस विशेषज्ञों का मानना है कि ISRO को NASA और यूरोपीय स्पेस एजेंसी (ESA) की तरह हाइब्रिड रोजगार मॉडल अपनाने पर विचार करना चाहिए, जिसमें स्थायी कर्मचारियों के साथ प्रोजेक्ट आधारित और कॉन्ट्रैक्ट विशेषज्ञ भी शामिल हों। इससे संस्थागत अनुभव भी सुरक्षित रहेगा और नई तकनीकों पर तेजी से काम किया जा सकेगा।

सरकार क्यों हुई सख्त?

14 जुलाई को जारी डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस के मेमोरेंडम के अनुसार, सरकार को चिंता है कि अनुभवी वैज्ञानिकों के लगातार बाहर जाने से गगनयान, चंद्रयान और भविष्य के मानव अंतरिक्ष मिशनों पर असर पड़ सकता है। इसलिए अब ऐसे वैज्ञानिकों के इस्तीफे पर अंतिम फैसला विभागीय मंजूरी के बाद ही होगा।