रायपुर, 15 जुलाई 2026/ Data Center Policy: Gujarat’s bold move…! Giving a major boost to the solar and energy sectors.
Data Center Policy : गुजरात सरकार ने नई डेटा सेंटर नीति लागू की है, जिसके तहत राज्य में 7.5 गीगावाट क्षमता के डेटा सेंटर विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे करीब 6 लाख करोड़ रुपये के निवेश का रास्ता खुल सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते उपयोग से डेटा सेंटर की मांग तेजी से बढ़ेगी और भारत इस क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभा सकता है।
सोलर और बैटरी स्टोरेज को मिलेगा फायदा
नई नीति के अनुसार, हर डेटा सेंटर को अपनी कम से कम 51% बिजली नवीकरणीय ऊर्जा से लेनी होगी। इससे सोलर ऊर्जा और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) की मांग बढ़ने की उम्मीद है। सरकार बिजली पर सब्सिडी, पूंजीगत सहायता और अन्य वित्तीय प्रोत्साहन भी देगी।
14 कंपनियों ने दिखाई रुचि
राज्य सरकार के अनुसार अब तक 14 निवेशकों ने डेटा सेंटर स्थापित करने में रुचि दिखाई है। इनकी कुल मांग सरकार के तय लक्ष्य से भी अधिक बताई जा रही है, जिससे गुजरात के देश का प्रमुख डेटा सेंटर हब बनने की संभावना बढ़ गई है।
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विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2026 से 2035 के बीच भारत में सोलर क्षमता और सौर बिजली की मांग में सालाना 21–22% की वृद्धि हो सकती है। AI डेटा सेंटर और ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाएं इस बढ़ोतरी की प्रमुख वजह बनेंगी, जिससे ऊर्जा, ट्रांसमिशन और पावर उपकरण क्षेत्र में भी नए निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
