Paddy Farming: Good news for paddy farmers! Nano fertilizers to boost yields and cut costs—ICAR makes a major claim; ICAR-NIBSM conducting advanced trials.
Paddy Farming
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रायपुर, 28 जुलाई। Paddy Farming : भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के राष्ट्रीय जैविक स्ट्रैस प्रबंधन संस्थान (ICAR-NIBSM), रायपुर ने खरीफ सीजन में धान की बेहतर पैदावार और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए नैनो पोटाश (20%), नैनो DAP, नैनो जिंक और नैनो बोरॉन के वैज्ञानिक उपयोग पर उन्नत फील्ड ट्रायल शुरू किए हैं।

इन परीक्षणों का उद्देश्य पोषक तत्व उपयोग दक्षता बढ़ाना, रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता कम करना, उत्पादन लागत घटाना, मृदा स्वास्थ्य सुधारना और पर्यावरण-अनुकूल खेती को बढ़ावा देना है।

वैज्ञानिकों का क्या कहना है?

संस्थान के निदेशक डॉ. पी.के. राय के मार्गदर्शन में चल रहे इस अनुसंधान के बारे में संयुक्त निदेशक एवं परियोजना प्रमुख डॉ. अनिल दीक्षित ने बताया कि जैविक स्रोतों के साथ नैनो उर्वरकों का संतुलित और वैज्ञानिक उपयोग भविष्य की टिकाऊ धान उत्पादन प्रणाली की मजबूत नींव साबित हो सकता है।

उन्होंने कहा कि यह पहल भारत सरकार की सतत एवं प्राकृतिक संसाधन आधारित कृषि नीति के अनुरूप किसानों की आय बढ़ाने, पर्यावरण संरक्षण और उर्वरकों के बेहतर उपयोग में मदद करेगी।

क्या हो रहा है परीक्षण में?

  • धान की पौध की जड़ों का नैनो DAP से उपचार।
  • सक्रिय कल्ले (Active Tillering) अवस्था में नैनो पोटाश (20%) का पर्णीय छिड़काव।
  • नैनो जिंक से क्लोरोफिल निर्माण और खैरा रोग नियंत्रण की क्षमता का मूल्यांकन।
  • नैनो बोरॉन से पुष्पन, बालियों के विकास और दानों की गुणवत्ता पर प्रभाव का अध्ययन।
  • पौधों की वृद्धि, उपज, गुणवत्ता और जैविक तनाव (कीट एवं रोग) के प्रति सहनशीलता का वैज्ञानिक विश्लेषण।

किसानों को मिलेगा सीधा लाभ

ICAR-NIBSM के अनुसार इन परीक्षणों से भविष्य में किसानों के लिए प्रमाण-आधारित, लागत-कुशल और पर्यावरण-अनुकूल पोषक तत्व प्रबंधन तकनीकें विकसित की जा सकेंगी, जिससे धान उत्पादन अधिक टिकाऊ और लाभदायक बनेगा।

यह वैज्ञानिक परीक्षण ICAR-NIBSM, रायपुर और हिमाद्री एग्रोटेक स्पेशलिटीज़ लिमिटेड के बीच हुए एमओयू (MoU) के तहत संचालित किया जा रहा है।