॥ तय कर लो ॥ धर्म-अधर्म के युद्ध मेंकिसके साथ खड़े हो,तय कर लो,सदियों से क्यों खामोश पड़े हो। लहू की कुछ बूँदेंइस मिट्टी में तुम्हारी भी दफ़्न हैं,कफ़न से ख़ुद को न ढको,फैलने दो विचारों की रोशनी। क्या पता कब शाम ढल जाए,उजाले को तेरी लालच खा जाए,अँधेरा भी बुरा नहीं होता,हर जन्म लगाता […]
