The mantra for work-life balance...! 'Change your mindset, not the circumstances'...! Brahma Kumar Omkar Bhai shares the message of a stress-free life with bank employees.
Work-Life Balance
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रायपुर, 29 जुलाई। Work-Life Balance : पर्यावरण संरक्षण एवं आपदा प्रबंधन राष्ट्रीय अभियान के दूसरे दिन प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के राजयोग एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन (SEA Wing) द्वारा नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय मुख्यालय में ‘कार्य और व्यक्तिगत जीवन में संतुलन (Work-Life Balance)’ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

‘बैंक सिर्फ कार्यस्थल नहीं, एक परिवार है’

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता माउंट आबू से आए ब्रह्माकुमार ओंकार भाई ने कहा कि बैंक को केवल कार्यस्थल नहीं, बल्कि एक परिवार की तरह देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि सहकर्मियों और ग्राहकों के प्रति सेवा, सहयोग और अपनत्व की भावना कार्यस्थल को तनावमुक्त, सकारात्मक और प्रेरणादायी बनाती है।

‘हालात नहीं, ख्यालात बदलें’

ब्रह्माकुमार ओंकार भाई ने कहा कि जीवन में वास्तविक बदलाव परिस्थितियों से नहीं, बल्कि सकारात्मक सोच और दृष्टिकोण से आता है। जब व्यक्ति अपने विचार बदलता है, तो वही चुनौतियां अवसर में बदल जाती हैं।

राजयोग मेडिटेशन से मिलेगा तनाव पर नियंत्रण

उन्होंने कहा कि स्व-प्रबंधन (Self Management) ही तनाव प्रबंधन (Stress Management) की सबसे बड़ी कुंजी है। नियमित राजयोग मेडिटेशन से मन शांत और स्थिर रहता है, जिससे बेहतर निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है और कार्य व निजी जीवन में संतुलन बना रहता है।

सेवा-भाव से बनता है बेहतर कार्यस्थल

उन्होंने कहा कि सकारात्मक सोच, आत्म-प्रबंधन और सेवा-भाव ही Work-Life Balance की मजबूत नींव हैं। जब व्यक्ति भीतर से संतुलित और प्रसन्न रहता है, तभी वह अपने पेशेवर और व्यक्तिगत जीवन में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकता है।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक के अध्यक्ष विनोद अरोरा, ब्रह्माकुमारी रूचिका दीदी, ब्रह्माकुमारी रिंकू, ब्रह्माकुमारी जागृति दीदी सहित बैंक के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।