TB-Free Chhattisgarh
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रायपुर, 03 जून 2026/ ETrendingIndia / TB-Free Chhattisgarh: Handheld X-Ray Screening Facility Reaching Villages Across the State / टीबी मुक्त छत्तीसगढ़ – छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत विभिन्न जिलों में विशेष टीबी खोज अभियान संचालित है। दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों तक इसके लिए हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीनों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे संभावित टीबी मरीजों की समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित हो रहा है।

100 दिवसीय विशेष अभियान

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में संचालित 100 दिवसीय विशेष अभियान इस दिशा में एक सफल उदाहरण बनकर उभरा है।

जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के समन्वित प्रयासों से अब तक 79 विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें 6,472 उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की गई है। इनमें 2,752 पुरुष और 3,720 महिलाएं शामिल हैं।

हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन के माध्यम से की गई जांच में 2,392 व्यक्तियों में संभावित असामान्यताएं चिन्हित की गईं, जिनकी आगे ट्रूनॉट जांच के जरिए पुष्टि कर उपचार की प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है।

इस पहल से न केवल टीबी रोगियों की समय पर पहचान हो रही है, बल्कि संक्रमण के प्रसार को रोकने में भी मदद मिल रही है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार दो सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी, बलगम के साथ खांसी, खून आना, सीने में दर्द, लगातार बुखार, वजन कम होना या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

टीबी का पूर्ण इलाज संभव

समय पर जांच और नियमित उपचार से टीबी का पूर्ण इलाज संभव है।

उद्देश्य टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों का निर्माण

विश्व क्षय दिवस 24 मार्च 2026 से शुरू किए गए इस विशेष अभियान का उद्देश्य टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों का निर्माण करना है।

इसके तहत गांव-गांव स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों की जांच, जागरूकता और उपचार की व्यवस्था की जा रही है।