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​रायपुर, 08 जून 2026/​ ETrendingIndia / Sarangarh-Bilaigarh District: Farmers will not face shortage of fertilizer and seeds, licenses of 8 errant dealers suspended , खाद-बीज की आप , छत्तीसगढ़ के किसानों को चालू खरीफ सीजन में गुणवत्तायुक्त खाद, बीज और कीटनाशक की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन एक्शन मोड में है।

जिला प्रशासन सारंगढ़-बिलाईगढ़ के निर्देश पर उर्वरक निरीक्षकों द्वारा निजी एवं सहकारी खाद दुकानों का लगातार औचक निरीक्षण किया जा रहा है।

इसी कड़ी में उर्वरक निरीक्षक ने सरसींवा क्षेत्र के प्रमुख विक्रय केंद्रों, मेसर्स महामाया ट्रेडर्स, मेसर्स ऋषि ट्रेडर्स और मेसर्स प्रकाश ट्रेडर्स का औचक निरीक्षण किया।

इस दौरान स्टॉक और वितरण में अनियमितता पाए जाने पर मेसर्स प्रकाश ट्रेडर्स (पेंड्रावन) को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

66 प्रतिशत अधिक रासायनिक खाद की आपूर्ति

​किसानों की मांग के अनुरूप जिले में पर्याप्त स्टॉक है, पिछले साल से 66 प्रतिशत अधिक रासायनिक खाद की आपूर्ति हुई है।

27 केंद्रों को नोटिस, एक मामला कलेक्टर कोर्ट में

  ​कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, जिले में अब तक कुल 57 निजी और सहकारी केंद्रों की कड़ाई से जांच की जा चुकी है।

गड़बड़ी और नियमों की अनदेखी करने वाले केंद्रों पर सख्त रुख अपनाते हुए प्रशासन ने अब तक ​27 केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

इसी तरह ​08 विक्रय केंद्रों के लाइसेंस (अनुज्ञप्ति) तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं। खाद की कालाबाजारी का ​01 गंभीर मामला पकड़ा गया है, जो वर्तमान में कलेक्टर कोर्ट के अधीन विचाराधीन है। ​

अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जिले में निरीक्षण का यह अभियान लगातार जारी रहेगा। यदि किसी भी केंद्र में खाद-बीज की जमाखोरी या कालाबाजारी पाई जाती है, तो उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत एफआईआर सहित कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

​​खाद और उन्नत बीजों का मजबूत बैकअप, वितरण का काम भी तेज

    ​वर्तमान में खरीफ फसलों की बुआई की तैयारियां जोरों पर हैं, जिसे देखते हुए जिले में किसानों की मांग के अनुसार पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज का भंडारण कर लिया गया है। खरीफ सीजन की जरूरतों को देखते हुए जिले में रासायनिक खाद और उन्नत बीजों का मजबूत स्टॉक तैयार रखा गया है। 

जिला प्रशासन द्वारा अब तक कुल 25 हजार 390 मीट्रिक टन रासायनिक खाद का भंडारण किया जा चुका है। इसमें से 8 हजार 554 मीट्रिक टन खाद किसानों को बांटी जा चुकी है, जिसके बाद भी वर्तमान में 16 हजार 805.360 मीट्रिक टन खाद सोसायटियों और केंद्रों में वितरण के लिए सुरक्षित है।

 ​     इसी तरह, बीजों की बात करें तो किसान अब तक 5 हजार 53 क्विंटल उन्नत बीज उठाव कर चुके हैं और बुआई की मांग को पूरा करने के लिए 15 हजार 801 क्विंटल बीज अभी भी पूरी तरह उपलब्ध है।

​ सोसायटियों में यूरिया और डीएपी का पर्याप्त कोटा

     ​किसानों को उनकी मांग के अनुसार सही समय पर सही खाद मिल सके, इसके लिए सोसायटियों में अलग-अलग खादों का पर्याप्त कोटा उपलब्ध कराया गया है। वर्तमान में सहकारी क्षेत्र के पास उपलब्ध सबसे ज्यादा मांग वाले यूरिया का 12 हजार 295 मीट्रिक टन का बड़ा स्टॉक सोसायटियों में मौजूद है।फसलों की शुरुआती मजबूती के लिए 1 हजार 608 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध है।

संतुलित पोषण के लिए 1 हजार 489 मीट्रिक टन एनपीके खाद का भंडारण है। पोटाश की कमी दूर करने के लिए 996 मीट्रिक टन एमओपी स्टॉक में है।इसके अलावा 1 हजार266 मीट्रिक टन अन्य विभिन्न किस्म की खादें भी वितरण के लिए तैयार रखी गई हैं।

इस पुख्ता व्यवस्था से साफ है कि किसानों को इस बार खेती-किसानी के लिए सोसायटियों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

​मांग के अनुरूप पर्याप्त स्टॉक, पिछले साल से 66 प्रतिशत अधिक आपूर्ति

  ​कृषि विभाग के मुताबिक वर्तमान में उपलब्ध कराया गया खाद का यह कोटा खरीफ वर्ष 2025 में वितरित किए गए कुल खाद का 66 प्रतिशत है, जिससे स्पष्ट है कि इस बार जिले में खाद की कोई कमी नहीं होने वाली है।

अफवाहों से दूर रहें किसान

 ​जिला प्रशासन ने कृषकों के हित में बयान जारी करते हुए कहा है कि जिले में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता और सुगम वितरण के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। किसान  किसी भी तरह की भ्रामक खबरों या खाद की कमी की अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें। वे अपनी आवश्यकता के अनुसार निर्भीक होकर समितियों और अधिकृत विक्रय केंद्रों से संपर्क कर खाद-बीज प्राप्त कर सकते हैं।