रायपुर, 12 जून 2026/ ETrendingIndia / “The UPI-NPI digital corridor has started between India and Nepal, cross-border payments and remittances will now be instant” भारत और नेपाल ने डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए UPI-NPI क्रॉस-बॉर्डर डिजिटल पेमेंट कॉरिडोर की शुरुआत कर दी है। इस नई व्यवस्था के तहत दोनों देशों के नागरिक अब मोबाइल बैंकिंग ऐप, UPI एप्लिकेशन और डिजिटल वॉलेट के माध्यम से तत्काल, सुरक्षित और रियल-टाइम भुगतान एवं धन हस्तांतरण (रेमिटेंस) कर सकेंगे।
UPI और NPI को जोड़ने से क्या होगा फायदा?
भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को नेपाल के नेशनल पेमेंट्स इंटरफेस (NPI) से जोड़ने के बाद दोनों देशों के बीच डिजिटल वित्तीय कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। यह प्रणाली 6 जून 2026 से संचालित हो चुकी है और इसका उद्देश्य सीमा पार लेन-देन को सरल, तेज और सुरक्षित बनाना है।
इस पहल को लागू करने के लिए भारत की NPCI International Payments Limited (NIPL) और नेपाल की Nepal Clearing House Limited (NCHL) ने साझेदारी की है। NCHL नेपाल के राष्ट्रीय भुगतान ढांचे का संचालन करती है।
यात्रियों और व्यापारियों को मिलेगा बड़ा लाभ
नई डिजिटल भुगतान प्रणाली से यात्रियों को अब बड़ी मात्रा में नकदी साथ रखने की जरूरत नहीं होगी। साथ ही पारंपरिक रेमिटेंस चैनलों पर निर्भरता भी कम होगी, जो अक्सर महंगे और समय लेने वाले होते हैं।
इसके अलावा नेपाल में कारोबार करने वाले व्यापारियों को भी लाभ मिलेगा क्योंकि भारत से आने वाले पर्यटक और उपभोक्ता आसानी से डिजिटल भुगतान कर सकेंगे। रियल-टाइम ट्रांजैक्शन और कम नकदी प्रबंधन लागत से व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
वित्तीय समावेशन और आर्थिक सहयोग को मिलेगी मजबूती
भारत सरकार के अनुसार, भारत नेपाल UPI NPI डिजिटल कॉरिडोर वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के साथ-साथ दोनों देशों के बीच लोगों और व्यवसायों के संबंधों को और मजबूत करेगा। नेपाल भारत से रेमिटेंस प्राप्त करने वाले प्रमुख देशों में शामिल है और दोनों देशों के बीच लंबे समय से आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं।
गौरतलब है कि भारत का UPI नेटवर्क पहले से ही नेपाल, भूटान, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, मॉरीशस, कतर, श्रीलंका और कंबोडिया सहित कई देशों में संचालित हो रहा है। नेपाल के साथ शुरू किया गया यह नया डिजिटल कॉरिडोर क्षेत्रीय डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई गति देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
