Questions raised regarding E20 petrol quality: Oil companies dismiss claims... state no irregularities found during testing.
Questions raised on E20 petrol quality
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रायपुर, 09 अगस्त 2026/ Questions raised on E20 petrol quality : देश की सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) ने ई20 पेट्रोल की गुणवत्ता को लेकर उठी चिंताओं को खारिज करते हुए कहा कि देश भर में की गई व्यापक जांच में ईंधन में नमी या क्लोराइड सम्मिश्रण का कोई प्रमाण नहीं मिला है।

कंपनियों ने स्पष्ट किया कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ईबीएमएस) यानी ई20 की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के भीतर है और उपभोक्ताओं को चिंता करने की जरूरत नहीं है।

तेल कंपनियों ने एक साझा बयान में कहा कि हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्टों में ई20 पेट्रोल में नमी और क्लोराइड की मात्रा को लेकर सवाल उठाए गए थे। इसके बाद पूरे आपूर्ति तंत्र (सप्लाई चेन) में अतिरिक्त और गहन परीक्षण अभियान चलाया गया।

जांच के नतीजों में कहीं भी ईंधन के दूषित होने का प्रमाण नहीं मिला और सभी नमूने निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पाए गए।

कंपनियों ने कहा कि ईंधन की गुणवत्ता उनके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता का विषय है। अगर किसी ऐसी समस्या की आशंका होती है जो वाहनों के प्रदर्शन या उपभोक्ताओं के भरोसे को प्रभावित कर सकती है, तो उसकी वैज्ञानिक तरीके से जांच की जाती है और आवश्यक सुधारात्मक कदम तुरंत उठाए जाते हैं।

इथेनॉल के लिए क्लोराइड की मात्रा को लेकर कड़े मानक निर्धारित

कंपनियों के अनुसार, सरकार ने पेट्रोल में मिलाए जाने वाले इथेनॉल के लिए क्लोराइड की मात्रा को लेकर कड़े मानक निर्धारित किए हैं। इनका पालन सुनिश्चित करने के लिए पूरी आपूर्ति शृंखला में उच्च स्तर की निगरानी व्यवस्था लागू की गई है।

कंपनियों ने आगे बताया कि क्लोराइड का परीक्षण देश भर में विभिन्न स्तरों पर किया जाता है, जिसमें रिफाइनरी, डिस्टिलरी, डिपो, टर्मिनल और पेट्रोल पंप शामिल हैं।

इस बहुस्तरीय निगरानी व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईंधन की गुणवत्ता हर स्तर पर तय मानकों के अनुरूप बनी रहे।

सभी पेट्रोल पंपों की प्रतिदिन पानी की मिलावट और घनत्व की जांच

इसके अलावा ईंधन की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए सभी पेट्रोल पंपों पर प्रतिदिन 8 से 12 बार पानी की मिलावट और घनत्व की जांच की जाती है। कई स्थानों पर मोबाइल फ्यूल क्वालिटी टेस्टिंग लैब भी तैनात की गई हैं। साथ ही ईंधन के नमूनों की स्वतंत्र परीक्षण प्रयोगशालाओं में भी जांच कराई जाती है।

तेल कंपनियों ने कहा कि सप्लाई चेन के प्रत्येक स्तर पर लागू इस मजबूत और बहुस्तरीय परीक्षण प्रणाली ने एक बार फिर साबित किया है कि भारत में ई20 पेट्रोल की गुणवत्ता सुरक्षित और निर्धारित मानकों के अनुरूप है।

तेल विपणन कंपनियों ने यह भी बताया कि देशभर की रिफाइनरियों से यादृच्छिक रूप से चुने गए 100 से अधिक अतिरिक्त पेट्रोल नमूनों की क्लोराइड जांच कराई गई। परीक्षण में सभी नमूनों में क्लोराइड का स्तर 1 पार्ट पर मिलियन (पीपीएम) या उससे कम पाया गया, जो निर्धारित सीमा के भीतर है।

कंपनियों के अनुसार, यह परिणाम दर्शाते हैं कि भारत की रिफाइनिंग और ईंधन वितरण प्रणाली में लागू गुणवत्ता नियंत्रण उपाय प्रभावी ढंग से काम कर रहे हैं और ई20 पेट्रोल की गुणवत्ता को लेकर सामने आई आशंकाओं का कोई आधार नहीं है।

तेल कंपनियों ने भरोसा जताया कि इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरणीय लक्ष्यों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है तथा इसकी सफलता सुनिश्चित करने के लिए गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर लगातार सख्त निगरानी रखी जा रही है।