रायपुर, 09 अगस्त 2026/ BRICS Delegates : ब्रिक्स देशों के 42 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को रायसेन स्थित विश्व धरोहर सांची का भ्रमण किया। ब्राजील, चीन, दक्षिण अफ्रीका, UAE, इंडोनेशिया और रूस समेत विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधियों ने हजारों वर्ष पुरानी बौद्ध विरासत, अद्भुत स्थापत्य कला और भगवान बुद्ध के शांति-करुणा के संदेश को करीब से जाना।
स्तूप और प्राचीन स्थापत्य ने जीता दिल
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के साथ डेलीगेट्स ने मुख्य स्तूप, प्राचीन तोरण द्वारों, स्तंभों, संग्रहालय और अन्य स्मारकों का अवलोकन किया। विशेषज्ञों और गाइड ने उन्हें सांची के इतिहास तथा बौद्ध धर्म के प्रसार की जानकारी दी।
पत्थरों पर उकेरी बौद्ध संस्कृति की कहानी
तोरण द्वारों की बारीक नक्काशी ने प्रतिनिधियों का विशेष ध्यान खींचा। यहां जातक कथाओं, बौद्ध परंपराओं, प्रकृति, पशु-पक्षियों और तत्कालीन सामाजिक जीवन से जुड़े दृश्य पत्थरों पर उकेरे गए हैं।
सांची को बताया शांति और आध्यात्मिकता का केंद्र
डेलीगेट्स ने सांची को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और विश्व शांति के संदेश का अद्भुत संगम बताया। प्रतिनिधियों के अनुसार, हजारों वर्ष पुरानी इस विरासत को अपनी आंखों से देखना अविस्मरणीय अनुभव है।
लाइट एंड साउंड शो से जीवंत हुआ बौद्ध इतिहास
शाम को प्रतिनिधियों ने लाइट एंड साउंड शो देखा। थ्री-डी प्रस्तुति के माध्यम से भगवान बुद्ध के जीवन, त्याग, ज्ञान, करुणा, शांति और मानवता की शिक्षाओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।
