रायपुर, 09 अगस्त 2026/ BRICS : भोपाल में 11वीं ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में संपन्न हुई। भारत सहित 14 देशों के 55 प्रतिनिधियों की भागीदारी में ‘भोपाल घोषणा पत्र’ सर्वसम्मति से अपनाया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे मध्यप्रदेश के लिए गौरवपूर्ण अवसर बताते हुए कहा कि इससे प्रदेश की कला, संस्कृति, पर्यटन और जनजातीय विरासत को वैश्विक पहचान मिली है।
सांस्कृतिक सहयोग का नया रोडमैप
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि ‘भोपाल घोषणा पत्र’ केवल सैद्धांतिक दस्तावेज नहीं, बल्कि व्यावहारिक, परिणामोन्मुख और भविष्य की स्पष्ट दिशा तय करने वाला दस्तावेज है।
कलाकारों के लिए बनेगा वैश्विक नेटवर्क
ब्रिक्स देशों ने कलाकारों, शिल्पकारों और रचनाकारों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जोड़ने के लिए ‘स्वैच्छिक कलाकार रजिस्ट्री’ बनाने पर सहमति जताई। इससे कलाकारों को नेटवर्किंग और वैश्विक बाजार तक पहुंच के नए अवसर मिलेंगे।
विरासत संरक्षण पर भी जोर
घोषणा पत्र में पारंपरिक ज्ञान और सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों के संरक्षण के साथ संग्रहालयों, पुस्तकालयों और अभिलेखागारों के डिजिटलीकरण पर सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
MP की संस्कृति ने छोड़ी खास छाप
भोपाल में आयोजित ब्रिक्स संस्कृति महोत्सव में भारत सहित कई देशों के कलाकारों ने पारंपरिक और लोक कलाओं की प्रस्तुतियां दीं। ‘अमृतस्य मध्यप्रदेश’ नृत्य नाटिका में 125 से अधिक कलाकारों ने प्रदेश की शास्त्रीय, लोक और जनजातीय संस्कृति की भव्य झलक प्रस्तुत की।
पर्यटन और हस्तशिल्प को मिलेगा फायदा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अनुसार, सम्मेलन से मध्यप्रदेश के पर्यटन, हस्तशिल्प और लोक कलाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान मिली है। मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने भी कहा कि ‘भोपाल घोषणा पत्र’ से भोपाल और मध्यप्रदेश की वैश्विक छवि और मजबूत होगी।
