रायपुर 24 मई 2025/ ETrendingIndia / Mother-in-law settled ‘Kashmir’ at home: Saffron growing in Mainpuri / मैनपुरी केसर खेती , उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में सास-बहू की जोड़ी ने घर के अंदर केसर की खेती कर अनोखी मिसाल पेश की है।
धान और मूंगफली की पारंपरिक खेती वाले क्षेत्र में इस परिवार की सास शुभा भटनागर और बहु मंजरी ने आधुनिक तकनीक अपनाकर केसर उत्पादन शुरू किया और अब इससे लाखों रुपये का कारोबार खड़ा कर लिया है।
घर के हॉल में शुरू की खेती
परिवार ने करीब 1200 वर्ग फीट के हॉल को नियंत्रित तापमान वाले खेती केंद्र में बदल दिया।
एयरोपोनिक्स तकनीक के जरिए बिना मिट्टी के केसर की खेती की जा रही है। इसमें तापमान, नमी और रोशनी का विशेष ध्यान रखा जाता है।
25 लाख रुपये का निवेश
शुरुआत में वातानुकूलित हॉल, लकड़ी के रैक और अन्य उपकरण लगाने में लगभग 25 लाख रुपये खर्च हुए। परिवार का कहना है कि अब इस खेती से हर साल अच्छा मुनाफा मिलने लगा है।
90 से 110 दिन में तैयार होती है फसल
केसर की फसल लगभग तीन महीने में तैयार हो जाती है। फूल निकलने के बाद उनसे सावधानी से केसर निकाली जाती है। एक ग्राम केसर की कीमत बाजार में 800 रुपये तक मिल रही है।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से बिक्री
उत्पादित केसर की करीब 90 प्रतिशत बिक्री ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और ई-कॉमर्स वेबसाइटों के माध्यम से की जा रही है। परिवार ने अपना ब्रांड भी तैयार किया है, जिससे देश के कई शहरों में मांग बढ़ी है।
उत्पादन लगातार बढ़ा
परिवार के अनुसार 2023 में लगभग 2.2 किलो उत्पादन हुआ था, जो 2025 तक बढ़कर करीब 5 किलो तक पहुंच गया। आने वाले समय में उत्पादन और बढ़ने की उम्मीद है।
अन्य किसानों के लिए प्रेरणा
विशेषज्ञों का मानना है कि नियंत्रित वातावरण और आधुनिक तकनीक की मदद से अब गैर-पारंपरिक क्षेत्रों में भी केसर जैसी महंगी फसल उगाई जा सकती है। मैनपुरी की यह पहल अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है।
