रायपुर, 11 जून 2026/ ETrendingIndia / “For Wildlife Protection: Iron mesh to be installed on open wells, Forest Department launches campaign in Bastar.” वन्यजीव सुरक्षा अभियान , वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार बस्तर वनमंडल ने वन्यजीवों की सुरक्षा और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। इसके तहत जंगलों और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित खुले एवं असुरक्षित कुओं को सुरक्षित बनाया जा रहा है।
कुओं के चारों ओर मुंडेर (पैरापेट वॉल) बनाकर उन पर मजबूत लोहे की जालियां लगाई जाएंगी, ताकि वन्यजीव दुर्घटनाओं का शिकार न हों।
मानसून से पहले पूरा होगा कार्य
मुख्य वन संरक्षक, जगदलपुर वन वृत्त श्री आलोक तिवारी के मार्गदर्शन और बस्तर वनमंडलाधिकारी श्री उत्तम कुमार गुप्ता के नेतृत्व में यह अभियान तेजी से चलाया जा रहा है।
वन विभाग का लक्ष्य मानसून शुरू होने से पहले सभी चिन्हित कुओं को सुरक्षित करना है।
29 संवेदनशील कुएं चिन्हित
वन विभाग के सर्वेक्षण में बस्तर वनमंडल क्षेत्र के 29 ऐसे खुले कुएं चिन्हित किए गए हैं, जहां वन्यजीवों के गिरने का खतरा अधिक है। इन कुओं को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित बनाया जा रहा है।
वन्यजीवों के साथ ग्रामीणों को भी मिलेगा लाभ
खुले कुएं लंबे समय से तेंदुआ, भालू, हिरण सहित अन्य वन्यजीवों के लिए खतरा बने हुए थे। पानी की तलाश में या रात के समय भटककर कई वन्यजीव इनमें गिर जाते थे। इस अभियान से वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। साथ ही ग्रामीणों, बच्चों और मवेशियों को भी दुर्घटनाओं से बचाव मिलेगा।
बस्तर के वनमंडलाधिकारी श्री उत्तम कुमार गुप्ता ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी क्षेत्र में खुला या असुरक्षित कुआं दिखाई दे तो इसकी सूचना निकटतम वन परिक्षेत्र कार्यालय को दें।
