रायपुर, 12 जून 2026/ ETrendingIndia / “Measured the stress of colleagues with fitness bands! Engineer’s unique experiment leaves the internet amazed” फिटनेस डेटा से खोजा तनाव का असली कारण
क्या किसी ऑफिस मीटिंग से होने वाले तनाव को डेटा के जरिए मापा जा सकता है? एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने इस सवाल का जवाब खोजने के लिए अनोखा प्रयोग किया। फिटनेस बैंड तनाव विश्लेषण के जरिए उन्होंने यह पता लगाया कि कौन सी मीटिंग और कौन से सहकर्मी उनके तनाव का सबसे बड़ा कारण बनते हैं।
इंजीनियर पंकज तनवर ने अपने फिटनेस ट्रैकर से प्राप्त हार्ट रेट डेटा को वर्क कैलेंडर के साथ जोड़ा। इसके बाद उन्होंने दोनों जानकारियों का विश्लेषण कर तनाव के पैटर्न को समझने की कोशिश की।
हार्ट रेट और मीटिंग डेटा को किया मैच
पंकज ने बताया कि उन्होंने अपने फिटनेस ट्रैकर से मिनट-दर-मिनट हार्ट रेट डेटा निकाला। फिर उस डेटा को मीटिंग शेड्यूल और प्रतिभागियों की सूची के साथ जोड़ा। फिटनेस बैंड तनाव विश्लेषण के दौरान यह देखा गया कि किन बैठकों में हार्ट रेट सबसे ज्यादा बढ़ा।
इसके बाद उन्होंने एक “स्ट्रेस लीडरबोर्ड” तैयार किया। इसमें उन सहकर्मियों की रैंकिंग बनाई गई, जिनकी मौजूदगी में तनाव का स्तर सबसे अधिक दर्ज हुआ। हालांकि, उन्होंने सभी नाम और पहचान गोपनीय रखी।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ अनोखा प्रयोग
जैसे ही पंकज ने अपने प्रयोग की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की, यह तेजी से वायरल हो गया। लाखों लोगों ने पोस्ट को देखा और हजारों यूजर्स ने इस पर प्रतिक्रिया दी। कई लोगों ने इसे डेटा और तकनीक का शानदार उपयोग बताया, जबकि कुछ ने इसे मजेदार कार्यस्थल प्रयोग माना।
इसके अलावा कई यूजर्स ने कहा कि फिटनेस बैंड तनाव विश्लेषण जैसी तकनीक भविष्य में व्यक्तिगत उत्पादकता और मानसिक स्वास्थ्य को समझने में मदद कर सकती है।
कार्यस्थल तनाव को समझने का नया तरीका
विशेषज्ञों का मानना है कि पहनने योग्य तकनीक (Wearable Technology) केवल फिटनेस ट्रैकिंग तक सीमित नहीं है। अब इसका उपयोग व्यवहार और मानसिक स्थिति को समझने के लिए भी किया जा सकता है। इस प्रकार, यह प्रयोग दिखाता है कि डेटा के माध्यम से कार्यस्थल के अनुभवों को अधिक वस्तुनिष्ठ तरीके से समझा जा सकता है।
