रायपुर, 12 जून 2026/ Jal Jeevan Mission: Major impact of the Bastar visit! Notices issued to two Executive Engineers (EEs) on the instructions of Deputy CM Arun Sao; explanation sought regarding negligence in the tap-water scheme.
Jal Jeevan Mission : बस्तर प्रवास के दौरान ग्रामीणों द्वारा नल-जल योजना से पानी नहीं मिलने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उप मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव के निर्देश पर विभाग ने कोंडागांव और दंतेवाड़ा के दो कार्यपालन अभियंताओं (EE) से स्पष्टीकरण मांगा है। दोनों अधिकारियों को सात दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
ग्रामीणों ने नियमित जलापूर्ति नहीं होने की है शिकायत
दरअसल, उप मुख्यमंत्री अरुण साव के हालिया बस्तर दौरे के दौरान कोंडागांव जिले के ग्राम बेड़मा और दंतेवाड़ा जिले के ग्राम टेकनार में आयोजित जल अर्पण कार्यक्रम में ग्रामीणों ने नवनिर्मित नल-जल योजनाओं के बावजूद नियमित जलापूर्ति नहीं होने की शिकायत की थी। ग्रामीणों ने बताया था कि योजना का लाभ उन्हें पूरी तरह नहीं मिल पा रहा है। शिकायत सुनने के बाद उप मुख्यमंत्री ने मौके पर ही नाराजगी जताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता के.के. मरकाम ने कोंडागांव के कार्यपालन अभियंता वीरेन्द्र पाण्डेय को जारी नोटिस में कहा है कि 5 जून को ग्राम बेड़मा में आयोजित जल अर्पण समारोह के दौरान ग्रामीणों ने योजना के सुचारू संचालन नहीं होने और नियमित जलापूर्ति बाधित रहने की शिकायत की थी। विभाग ने इसे ग्रीष्मकाल के दौरान गंभीर लापरवाही मानते हुए शासकीय कार्यों के प्रति उदासीनता और गुणवत्तापूर्ण कार्य निष्पादन में कमी माना है।
7 दिनों में मांगा गया जवाब
इसी तरह दंतेवाड़ा के कार्यपालन अभियंता एस.पी. मण्डावी को भी नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। 7 जून को ग्राम टेकनार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि गांव के एक मोहल्ले के कई घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। विभाग का कहना है कि नवनिर्मित योजना से तकनीकी मापदंडों के अनुरूप जलापूर्ति नहीं होना कार्यों के क्रियान्वयन में गंभीर खामियों को दर्शाता है।
विभाग ने दोनों अधिकारियों की कार्यप्रणाली (Jal Jeevan Mission) को विभागीय छवि के लिए प्रतिकूल बताते हुए सात दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि स्पष्टीकरण निर्धारित समय में प्राप्त नहीं हुआ या संतोषजनक नहीं पाया गया तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
