रायपुर, 3 जून 2026/ ETrendingIndia / कोटमी बाजार हत्याकांड – छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही कोटमी साप्ताहिक बाजार में सराफा कारोबारी प्रदीप सोनी उर्फ पप्पू की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या और लाखों रुपये के आभूषणों की लूट की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है।
26 मई को हुई इस घटना ने पूरे गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले को झकझोर कर रख दिया था।
हत्या के बाद देवरीखुर्द में बांटे गए लूटे गए आभूषण
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी देवरीखुर्द पहुंचे, जहां आरोपी गया प्रसाद रजक के घर पर लूटे गए आभूषणों का आपस में बंटवारा किया गया।
अपराध के सबूत मिटाने के लिए आरोपियों ने आभूषणों की पैकिंग सामग्री को पास की एक टेकरी में ले जाकर जला दिया, ताकि पुलिस को कोई सुराग न मिल सके। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पूरी योजना के साथ वारदात के बाद सबूत खत्म करने की कोशिश की थी।
टेकरी में छिपाकर रखा था हथियार और लूट का माल
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी खुशीराम साहू और गया प्रसाद रजक ने घटना में प्रयुक्त देशी कट्टा, दो जिंदा कारतूस तथा लूटे गए आभूषणों का हिस्सा टेकरी में छिपाकर रखा था। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर उक्त सभी सामान बरामद कर लिया है। बरामद सामग्री में एक देशी कट्टा, दो जिंदा कारतूस, लूटे गए आभूषण तथा घटना में प्रयुक्त तीन मोबाइल फोन शामिल हैं।
तीन आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
मामले में खुशीराम साहू पिता जगन्नाथ प्रसाद साहू निवासी बिटकुला थाना सीपत जिला बिलासपुर, राजाराम साहू पिता स्वर्गीय मूलचंद साहू निवासी बिटकुला थाना सीपत जिला बिलासपुर तथा गया प्रसाद रजक पिता स्वर्गीय आयोध्या राम रजक निवासी करौंदानार देवरीखुर्द चौकी कोटमीकला थाना पेण्ड्रा को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों को दूसरे राज्यों में भेजा गया है।
संयुक्त पुलिस कार्रवाई से सुलझी गुत्थी
इस महत्वपूर्ण कार्रवाई को बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अविनाश मिश्रा, एसडीओपी मरवाही राजेश देवांगन, एसडीओपी पेण्ड्रा श्याम सिदार, साइबर सेल, एसीसीयू बिलासपुर, जीपीएम पुलिस तथा बिलासपुर रेंज की विभिन्न पुलिस इकाइयों ने संयुक्त रूप से अंजाम दिया।
पुलिस का दावा है कि जल्द ही मामले से जुड़े अन्य फरार आरोपी भी गिरफ्तार कर लिए जाएंगे।
अब आरोपियों की गिरफ्तारी, लूटे गए आभूषणों की बरामदगी और हत्या में प्रयुक्त हथियार मिलने के बाद उस सनसनीखेज वारदात की परतें खुलने लगी हैं।
बहरहाल, दिनदहाड़े बाजार में हुई इस हत्या ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अपराधी चाहे जितनी भी चालाकी से सबूत मिटाने की कोशिश करें, कानून का शिकंजा आखिरकार उन तक पहुंच ही जाता है।
